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खोई हुई परी की कहानी इन हिंदी / Khoi Hui Pari Ki Kahani in Hinndi Written

खोई हुई परी की कहानी   एक नगर में एक राजकुमार रहता था।  एक  दिन की बात है वह किसी कार्य के वजह से  बाहर गया हुआ था और आते समय  काफी रात हो गई थी।

 

 

 

वह अपने महल से कुछ दूर था कि तभी एक छोटे से झाड़ियों के बगल में मौजूद तालाव के पास एक खूबसूरत लड़की दिखाई दी।

 

 

 

वह राजकुमार सोचने लगा, ” आखिर इतनी रात को यह खुबसूरत लड़की यहाँ क्यों खड़ी हुई है।  आखिर वह कौन है ? ” यही सोचकर वह उस लड़की के पास आया और उससे पूछा, ” आप कौन हैं और यहाँ क्या कर रही हैं ? ”

 

 

 

खोई हुई परी की कहानी हिंदी में ( Khoi Hui Pari ki Kahani Pdf )

 

 

 

 

लेकिन वह लड़की कुछ नहीं बोली।  उसको देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह कहीं खोई हुई है।  वह केवल चाँद की तरफ देख रही थी। राजकुमार ने सोचा इतनी रात को इस सुनसान जगह में इस लड़की को अकेले छोड़ना उचित नहीं होगा अतः वह उसे अपने महल ले आया और एक कमरे में  सुला दिया।

 

 

 

सुबह होने पर राजकुमार ने उस लड़की से फिर वही सवाल किया, ” तुम कौन हो ? तुम्हारा नाम क्या है ? तुम कहा से आई हो ? ” लेकिन उस लड़की ने कोई जवाब नहीं दिया।

 

 

 

 

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वह हमेशा खोई रही।  तब राजकुमार ने उसका नाम एंजल रखा और इसके बाद एंजल महल में रहने लगी।  राजकुमार ने उसके परिवार को ढूढने की बहुत कोशिश की लेकिन असफल रहा।

 

 

 

इधर एंजल हमेशा खोई हुई रहती थी।  यह देखकर राजकुमार को बड़ा ही दुःख होता था।  वह उसे खुश रखने का भरसक प्रयास करता था। धीरे – धीरे वह एंजल के काफी करीब आ गया।  उसे एंजल से प्रेम हो गया।  एक दिन उसने एंजल से प्रणय – निवेदन किया।  एंजल मान गयी और दोनों का विवाह हो गया।

 

 

 

राजकुमार को लगा था कि अब एंजल जरुर खुश रहेगी लेकिन वह अभी भी खोई हुई रहती थी।  राजकुमार जब उससे इस बारे में बात करता तो वह कहती, ” नहीं कोई बात नहीं है।  मैं बहुत प्रसन्न हूँ।  ”

 

 

 

 

एक दिन राजकुमार को रात में प्यास लगी।  वह पानी पीने के लिए उठा तो देखा एंजल वहाँ नहीं थी।  यह देखकर वह बड़ा ही परेशान हुआ और इधर – उधर उसे ढूढ़ने लगा।

 

 

 

ढूढते हुए वह महल के आँगन में पहुंचा तो देखा एजल वहाँ फूलों के खुबसूरत बाग़ में नृत्य कर रही थी।  वह बड़ा खुश हुआ और तुरंत ही एंजल के पास आया और प्रसन्न स्वर में बोला, ” ओह ! आज तो आप बहुत खुश हैं।  आप नृत्य कर रही थी।  ”

 

 

 

तभी एंजल बोल पड़ी, ” नहीं मुझे तो नृत्य आता ही नहीं।  ” यह सुनकर राजकुमार को बड़ा आश्चर्य हुआ।  उसके बाद वह ऐंजल के साथ वापस कमरे में आ गया।

 

 

 

 

 

धीरे – धीरे राजकुमार और ऐंजल की शादी की सालगिरह आने वाली थी।  राजकुमार ने सोचा, ” क्यों ना ऐंजल को सरप्राइज दिया जाना चाहिए और यह सोचकर वह फिर से रात के समय वह उसी स्थान पर पहुंचा जहां पर ऐंजल मिली थी।  ”

 

 

 

 

जब वह वहां  पहुंचा तो थोड़ी  दूर झाड़ियों में से मधुर ध्वनि आ रही थी। राजकुमार की जिज्ञासा बढ़ी।  वह चुपके से  झाड़ियों  के पास गया तो हैरान  रह गया।

 

 

 

उसने देखा कि वहाँ  उसकी पत्नी ऐंजल नृत्य कर रही थी और उसके चारो तरफ दूसरी परियां नृत्य कर थी।  राजकुमार तुरंत ही महल में गया तो उसने देखा कि वहाँ पर ऐंजल सो रही थी।

 

 

 

अब उसके तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था।  उसने  पता लगाने का फैसला किया। उसने राज्य के सबसे बड़े जादूगर रेंचो के पास जाने  फैसला किया।

 

 

 

अगली सुबह वह रैंचो के पास गया और उसे पूरी बात कह सुनाई।  जादूगर रैंचो ने राजकुमार की बात बड़े ही ध्यान से सुनी और उसके बाद उसने आँखे बंद की और कुछ समय बाद उसने कहा, ” राजकुमार, वह एक परी है जो कि अन्य परियों से बिछड़ गयी थी।  अब उसे कुछ भी याद नहीं है।  उसे सिर्फ परीलोक की वही धुन याद है और परीलोक की परियां उसी धुन को बजाकर उसे बुलाती हैं और उसे याद दिलाने की कोशिश करती हैं। जिस दिन उसे सबकुछ याद  जाएगा वह तुम्हे छोड़कर जा  सकती है।  ”

 

 

 

 

यह सुनकर राजकुमार बहुत दुखी हुआ।  उसने जादूगर से कहा, ” क्या ऐसा कोई उपाय नहीं है जिससे वह अपना अतीत भूल जाए ?  मैं उससे बहुत प्रेम करता हूँ।  मैं उसे खोना नहीं चाहता।  ”

 

 

 

जादूगर ने कहा, ” ऐसा कोई उपाय नहीं है जिससे किसी का अतीत हमेशा के लिए भुलाया जा सके।  वह उस जगह जरूर जायेगी जहां से वह जुडी है।  लेकिन एकक उपाय है।  अगर तुम्हारा प्रेम सच्चा और सम्पूर्ण होगा तो वह जरूर वापस आएगी।  तुम्हारा प्रेम उसे कहीं जाने नहीं देगा। ”

 

 

 

यह सुनकर राजकुमार ने वहाँ से विदा ली और महल वापस आया।  अब वह ऐंजल को और भी अधिक प्यार करने लगा। वह हमेशा उसकी फिक्र करने लगा।

 

 

 

ऐंजल हर रात को जाती और वापस आ जाती।  वापस नहीं आने तक राजकुमार जगता और भगवान से प्रार्थना करता कि ऐंजल वापस आ जाए. समय बीता और एक दिन राजकुमार ने फैसला किया कि अब बहुत हो चुका है।  ऐसे इन्तजार करना ठीक नहीं है।  मुझे अपना प्रेम साबित करना ही होगा।

 

 

 

 

यह सोचकर उसने रात को उसी झाड़ी के पास पहुंचा जहां रोज ऐंजल आती थी।  वहाँ उसने देखा ऐंजल सभी परियों के साथ मंत्रमुग्ध होकर नृत्य कर रही थी।

 

 

राजकुमार ने ऐंजल का हाथ पकड़ा और कहा, ” यह मैं हूँ तुम्हारा पति।  मुझे पहचानो।  ” राजकुमार के इस तरह से आने पर बाकी परियां वहाँ से जाने लगी।

 

 

 

 

 

यह देखकर ऐंजल ने परियों से कहा मुझे भी साथ ले चलो और वह राजकुमार का हाथ छुड़ाने लगी।  यह देखकर राजकुमार को बड़ा आश्चर्य हुआ और उसने और भी मजबूती से ऐंजल को पकड़ लिया।

 

 

 

 

 

तभी बाकी परियों ने ऐंजल को तमाम शक्तिया दी और वह शक्तिशाली होने लगी लेकिन राजकुमार ने उसका हाथ नहीं छोड़ा।  तभी ऐंजल ने एक भयानक रूप ले लिया और अपने दूसरे   के नाख़ून से राजकुमार के हाथ पर वार किया लेकिन राजकुमार ने उसका हाथ नहीं छोड़ा।

 

 

 

 

राजकुमार के लिए यही परीक्षा की घडी थी।  ऐंजल तभी अपनी शक्ति से खुद को आग के शोलों की तरह गर्म कर लिया लेकिन राजकुमार अटल रहा और कुछ ही देर बाद ऐंजल फिर से अपने असली रूप में आ गयी और उसने कहा तुम्हारा प्रेम अडिग है।  मैं तुम्हारे पास ही रहूंगी।

 

 

 

 

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ऐंजल के इतना कहते ही बाकी परियां वहाँ से जाने लगी।  राजकुमार बहुत खुश था।  लेकिन उसने गौर किया कि ऐंजल के चहरे पर उदासी थी। वह बात को समझ गया और वह बोला, ” क्या तुम मेरे पास रहोगी तो परियों को और अपनी पिछली दुनिया को भूल पाओगी ? ”  ऐंजल ने कहा, ” मैं उन्हें भूलने की कोशिश करुँगी और उसकी आँखों में आंसू आ गए।  ”

 

 

 

 

तब राजकुमार ने कहा, ” अगर तुम अपने लोक चली जाओ तो क्या खुश रहोगी ? क्या तुम्हे मैं और मेरा प्यार याद आएगा ?  ” ऐंजल ने कुछ देर सोचा और फिर बोली, ” मैं वहाँ अपने परिवार और अपने लोगों के साथ बहुत खुश रहूंगी।  ”

 

 

 

 

 

यह सुनकर राजकुमार बोला, ” मैं तुमसे सच्ची मोहब्बत करता हूँ।  मैं खुद को दुखी कर सकता हूँ लेकिन तुम्हे दुखी नहीं देख सकता।  जाओ अपने लोक जाओ और खुश रहो।  ”

 

 

 

 

 

यह कहकर राजकुमार वहाँ से चला गया।  उसने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा।  वह और अधिक दुखी नहीं होना चाहता था।  वह दुखी तो था लेकिन उसे ख़ुशी भी थी कि वह अपने प्यार की आखिरी ख्वाहिस भी पूरी कर सका।

 

 

 

 

जब वह महल पहुंचा तो उसने वहाँ ऐंजल को देखा।  वह चौंक पड़ा।  वह दौड़कर वहाँ पहुंचा।  तभी  ऐंजल ने कहा, ” मुझे क्या हुआ था ? मैं जंगल में कैसी पहुंची थी ? मुझे विश्वास था कि तुम जरूर आओगे।  ”

 

 

 

 

यह सुनकर राजकुमार बड़ा  खुश हुआ और उसने कहा, ” छोडो वह सब बातें।  वह सब पुरानी बाते हैं।  मैं तुमसे बहुत प्रेम करता हूँ और मुझे मेरे प्रेम पर पूर्ण विश्वास था।  ”

 

 

 

 

तभी ऐंजल ने भी कहा, ” मैं भी तुमसे प्रेम करती हूँ।  ” राजकुमार ने देखा कि उसकी आखे अब सिर्फ उसी को तलाश रही थी।  वह समझ गया कि ऐंजल पूरी तरह मेरी है।  उसे यह भी समझ आ गया कि सम्पूर्ण प्रेम क्या होता है।

 

 

 

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